UP Love Marriage News : 19 महीनों में 17 मुस्लिम युवतियों ने हिंदू धर्म अपनाकर रचाई शादी
उत्तर प्रदेश में पिछले 19 महीनों के दौरान प्यार और समझ के दम पर सामाजिक सीमाओं को पार करते हुए 17 मुस्लिम युवतियों ने हिंदू धर्म अपनाकर विवाह किया है। जानिए कैसे ...
प्यार के आगे टूटी धर्म की दीवार: 19 महीनों में 17 मुस्लिम युवतियों ने हिंदू धर्म अपनाकर रचाई शादी
News Flash INDIA
सामाजिक बंदिशों और धार्मिक सीमाओं को पार कर सुखी वैवाहिक जीवन जी रहे नवदंपती; पुलिस प्रशासन और परिवारों का भी मिला समर्थन

News Flash INDIA
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पिछले 19 महीनों के भीतर सामाजिक और धार्मिक बंधनों को पीछे छोड़ते हुए प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान की नई मिसाल देखने को मिली है। जिले में 17 मुस्लिम युवतियों ने अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर हिंदू लड़कों के साथ वैदिक एवं सनातन रीति-रिवाजों से विवाह रचाया है।
इन सभी दंपतियों ने बिना किसी बड़े सामाजिक विवाद या झंझट के अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की है और वर्तमान में खुशहाल पारिवारिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। नवविवाहित महिलाएं अपने ससुराल में पारिवारिक एवं सामाजिक कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।
प्रेम विवाह के रुझान में बढ़ोतरी, कानूनी अड़चनें भी हुईं दूर
आज के दौर में युवा जाति और धर्म के बंधनों को तोड़कर अपनी पसंद के जीवनसाथी का चुनाव कर रहे हैं। मुरादाबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों में बीते डेढ़ साल से अधिक समय (19 माह) में ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
- पारिवारिक स्वीकृति: शादी के बाद इन 17 दंपतियों के बीच किसी भी प्रकार के पारिवारिक या घरेलू विवाद की सूचना नहीं है। लड़कों के स्वजनों ने भी धर्म परिवर्तन कर बहू बनीं युवतियों को अपना लिया है।
- कानूनी प्रक्रिया से राहत: शुरुआत के कुछ महीनों में कुछ युवतियों को अदालती प्रक्रियाओं, पुलिस जांच और पुलिस सत्यापन जैसी कानूनी औपचारिकताओं से गुजरना पड़ा था। हालांकि, पुलिस-प्रशासन द्वारा नियमानुसार सत्यापन के बाद अब वे सभी कानूनी अड़चनों से मुक्त होकर स्वतंत्र और शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रही हैं।
News Flash INDIA
केस स्टडी: जब दिल मिले तो मिट गईं सामाजिक दूरियां
केस 1: सहरीन खातून बनीं गौरव की जीवनसंगिनी
छजलैट क्षेत्र के एक गांव निवासी सहरीन खातून अंसारी की करीब 5 वर्ष पूर्व अकबरपुर सिहाली निवासी गौरव से मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अलग-अलग धर्म होने की वजह से शादी में सामाजिक बाधाएं आ रही थीं। इसके बाद दोनों ने बीते वर्ष अक्टूबर में घर से निकलकर मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह रचा लिया। तब से दोनों एक साथ खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
केस 2: नूर फातिमा और गौरव का प्रेम विवाह
भोजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी गौरव की मुलाकात ठाकुरद्वारा क्षेत्र की रहने वाली नूर फातिमा से हुई। कुछ ही समय में दोनों का प्यार परवान चढ़ गया। बीते वर्ष जुलाई माह में दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामते हुए प्रेम विवाह कर लिया। अलग धार्मिक पृष्ठभूमि के बावजूद दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं है और वे सुखी जीवन बिता रहे हैं।
अन्य संबंधित संदर्भ: रामपुर की मेहताब बनीं 'ममता'
इसी प्रकार के एक अन्य चर्चित मामले में रामपुर की रहने वाली मेहताब ने मुरादाबाद के अपने प्रेमी (जागेशपुरी क्षेत्र निवासी) के संग सनातन परंपरा से विवाह रचाया था। विवाह के उपरांत उन्होंने अपना नाम परिवर्तित कर ममता रख लिया था और अपनी स्वेच्छा व आस्था से विवाह करने की बात कही थी।
पुलिस प्रशासन का दृष्टिकोण
मुरादाबाद के एसपी सिटी (कुमार रणविजय सिंह) के अनुसार, जब भी ऐसे अंतरधार्मिक या स्वेच्छा से किए गए विवाह के मामले सामने आते हैं, तो पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करती है। शांतिपूर्ण तरीके से रह रहे दंपतियों को किसी भी प्रकार की सामाजिक या कानूनी परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है।