लुटेरी दुल्हन: फर्जी पहचान से बनी दुल्हन... असली पहचान सामने आई तो उड़े होश, हापुड़ पुलिस ने किया 'लुटेरी दुल्हन' के लूट कांड का हैरान करने वाला खुलासा
हापुड़ में फर्जी पहचान सीमा बनकर शादी करने वाली 'लुटेरी दुल्हन' को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसके पास से फर्जी 2 आधार कार्ड सहित कई दस्तावेज आदि बरामद हुए है। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर और पश्चिम बंगाल से जुड़े इस फर्जी शादी और लूट कांड का पूरा सच आया सामने। जानिए कैसे रची गई साजिश।
फर्जी पहचान के दम पर बनी दुल्हन: असली पहचान सामने आई तो उड़े होश, 'लुटेरी दुल्हन' के लूट कांड का होश उड़ाने वाला खुलासा!
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रिपोर्ट: निशांक शर्मा
यूपी के जनपद हापुड़ के थाना सिम्भावली क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है। सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था का सहारा लेकर एक मुस्लिम युवती ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाई, हिंदू नाम अपनाया और फिर विवाह रचाकर पूरे अपराध को संगठित रूप से अंजाम दिया। शादी के कुछ ही दिनों बाद वह घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेटकर रातों-रात फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिम्भावली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस शातिर 'लुटेरी दुल्हन' को गंगा एक्सप्रेसवे पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया है और पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया है।

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1. पश्चिम बंगाल की 'मसूरा शेख' बनी थी उत्तराखंड की 'सीमा'
सिम्भावली पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी महिला की वास्तविक पहचान मसूरा शेख पुत्री सोनू शेख, निवासी दिघिरपार परुलिया कोस्टल, जनपद कमापॉल (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। मसूरा शेख ने अपने फरार सहयोगी साथी लक्ष्मण के साथ मिलकर एक सुव्यवस्थित षड्यंत्र रचा था। इस योजना के तहत उसने अपनी असली पहचान और पश्चिम बंगाल के पते को पूरी तरह छिपाते हुए खुद को 'सीमा' पुत्री नाथू लाल, निवासी गोकुल नगर, पंत नगर, उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) बताया। पीड़ित परिवार को झांसे में लेने और अपनी फर्जी पहचान साबित करने के लिए उसने भिन्न-भिन्न नाम के दो फर्जी आधार कार्ड और एक फर्जी पैन कार्ड भी तैयार कर रखे थे।

2. शिवालय में वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था विवाह
आरोपी महिला ने पीड़ित परिवार का भरोसा जीतने के लिए धार्मिक स्थल और परंपराओं का सहारा लिया। पीड़ित द्वारा साझा की गई वीडियो क्लिप्स में स्पष्ट देखा जा सकता है कि यह विवाह एक पवित्र शिव मंदिर के प्रांगण में संपन्न कराया गया था। मंदिर के पुजारी द्वारा कराए गए मंत्रोच्चार और संकल्प के बीच 'सीमा' बनी मसूरा शेख ने वरमाला पहनी, शिवलिंग के समक्ष हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया और 14 अगस्त 2026 को ग्राम लिसड़ी निवासी विनोद कुमार पुत्र धीर सिंह के साथ पत्नी के रूप में उनके घर आ गई। यह पूरी शादी केवल परिवार का विश्वास जीतकर उनके घर में दाखिल होने का एक जरिया मात्र थी।

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3. रातों-रात घर समेटकर हुई फरार, अलमारी देख उड़े होश
शादी के कुछ ही दिनों बाद मसूरा शेख ने अपने असली इरादे जाहिर कर दिए। पीड़ित विनोद कुमार द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, 18 सितंबर 2026 की तड़के करीब 04:00 बजे जब उनकी आंख खुली, तो कमरे में उनकी पत्नी मौजूद नहीं थी। काफी खोजबीन के बाद जब घर के कमरों और सामान की जांच की गई, तो परिवार के होश उड़ गए—अलमारी में रखे 1 लाख रुपये नकद, 1 जोड़ी पाजेब, सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पेंडल, एक जोड़ी कंगन (सैंपल) और सोने की अंगूठी गायब थे। 'लुटेरी दुल्हन' रातों-रात घर की पूरी जमा-पूंजी समेटकर रफूचक्कर हो चुकी थी।

4. FIR दर्ज: BNS 2023 की धाराओं में मुकदमा और पुलिस कार्रवाई
मामले की गम्भीरता को देखते हुए थाना प्रभारी अरविंद कुमार के निर्देशन में सिम्भावली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पीड़ित विनोद कुमार की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल सुबह 07:00 बजे FIR संख्या 0246/2026 दर्ज कर ली। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 305(a) के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर आरोपी महिला की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में उसे गंगा एक्सप्रेसवे पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।
- बरामदगी: पुलिस ने आरोपी मसूरा शेख के पास से चोरी की गई एक पीली धातु की अंगूठी, एक जोड़ी सफेद धातु की पायल तथा भिन्न-भिन्न नाम के 2 फर्जी आधार कार्ड और एक फर्जी पैन कार्ड बरामद किए हैं।
- अग्रिम कार्रवाई: पुलिस गिरफ्तार अभियुक्ता के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है तथा मामले में शामिल उसके फरार साथी लक्ष्मण की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।