स्वतंत्रता दिवस से पहले ATS का बड़ा एक्शन , हापुड़ के शेरपुर गांव से दो संदिग्ध दबोचे आतंकी कनेक्शन की आशंका
हापुड़ के शेरपुर गांव से दो संदिग्ध दबोचे आतंकी कनेक्शन की आशंका , मस्जिद से .....

News Flash INDIA
ब्यूरो रिपोर्ट: News Flash INDIA: हापुड़। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ से बड़ी खबर सामने आई है। हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित गांव शेरपुर में आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर अलर्ट पर चल रही सुरक्षा एजेंसियों की इस सतर्कता और मुस्तैदी से साफ है कि एजेंसियां आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खंगालने में जुटी हुई हैं।
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पीछा कर एटीएस ने गांव में दबोचा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एटीएस की टीम दो मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों को काफी दूरी से ट्रैक करते हुए उनका पीछा कर रही थी। जैसे ही दोनों संदिग्ध बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव शेरपुर पहुंचे और बाइक से उतरे, उनमें से एक संदिग्ध पास ही स्थित मस्जिद में घुसने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान पीछे से पहुंची एटीएस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही धर दबोचा। कार्रवाई के दौरान जब स्थानीय लोगों ने पूछताछ की, तो सुरक्षा और रणनीतिक कारणों से टीम ने शुरुआती तौर पर इसे एक्सीडेंट का मामला बताकर परिस्थिति को संभाला था।
सीबीज़ेड बाइक पर लगी थी होंडा शाइन की फर्जी नंबर प्लेट
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स्थानीय पुलिस और आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह पूरा मामला आतंकी कनेक्शन से जुड़ा हुआ है। पकड़े गए दोनों संदिग्ध हापुड़ जिले के निवासी नहीं हैं और सुरक्षा कारणों से फिलहाल उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि संदिग्धों के पास से मिली हीरो होंडा सीबीज़ेड (CBZ) मोटरसाइकिल पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई है, जो वास्तव में एक होंडा शाइन (Honda Shine) बाइक के नाम पर पंजीकृत पाई गई है। एटीएस दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई है, जबकि फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक फिलहाल गांव में ही खड़ी है।
आतंकी फंडिंग (Fund Raising) की आशंका, जांच जारी
इस नाटकीय गिरफ्तारी के बाद से गांव की मस्जिद (मस्जिद अबु बक्र, मोहल्ला कुरैशियान) और आसपास के पूरे इलाके में भारी कौतूहल और चर्चा का माहौल है। शुरुआती जांच और सूत्रों के हवाले से यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि पकड़े गए दोनों संदिग्ध किसी आतंकी संगठन के लिए 'फंड रेजर' (फंड जुटाने) का काम कर रहे थे। फिलहाल एटीएस और खुफिया एजेंसियां दोनों संदिग्धों से गोपनीय स्थान पर सघन पूछताछ कर रही हैं, जिससे बाइक व नंबर प्लेट से जुड़ी बाकी जानकारी और उनके पूरे नेटवर्क का स्पष्ट रूप से खुलासा हो सके।