बड़ी खबर : SBI 1200 करोड़ का महाघोटाला: ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी की विदेशी 'ज्यूरिख' पॉलिसियां कीं जब्त, ऐसे खुली प्रमोटर की पोल!
New SBI 1200 Crore Scam
1,266 करोड़ का बैंक महाघोटाला: ED ने प्रमोटर श्रीकांत भासी की ₹3.66 करोड़ की विदेशी 'ज्यूरिख' इंश्योरेंस पॉलिसियां कीं जब्त
News Flash INDIA
विशेष संवाददाता, News Flash INDIA: नई दिल्ली/भोपाल
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को ₹1,266 करोड़ रुपये की चपत लगाने वाले हाई-प्रोफाइल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी और अनोखी सर्जिकल स्ट्राइक की है। ईडी के भोपाल जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मुख्य आरोपी और प्रमोटर श्रीकांत भासी की दो विदेशी 'इन्वेस्टमेंट लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस' पॉलिसियों को कुर्क (Attach) कर लिया है।
'ज्यूरिख इंटरनेशनल लाइफ लिमिटेड' (Zurich International Life Ltd) के पास मौजूद इन दोनों पॉलिसियों की कुल वर्तमान सरेंडर वैल्यू ₹3.66 करोड़ है।
पूरा मामला क्या है?
यह पूरा मामला मैसर्स एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड (AOPL), इसके निदेशकों (Directors) और प्रमोटर श्रीकांत भासी के इर्द-गिर्द घूमता है।
- CBI की FIR: इस मामले की शुरुआत तब हुई जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की बैंक सुरक्षा और धोखाधड़ी शाखा (BSFB), नई दिल्ली ने कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की।
- आरोप: आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी वाले व्यापारिक लेन-देन दिखाकर एसबीआई (SBI) से भारी कर्ज और बैंकिंग सुविधाएं लीं, जिससे बैंक को सीधे ₹1,266.63 करोड़ का भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
- ED की एंट्री: सीबीआई की इसी एफआईआर को आधार बनाकर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत अपनी जांच शुरू की।
ED की जांच में खुलासा: कैसे घुमाया गया 1200 करोड़ का फंड?
ईडी की तफ्तीश में आरोपियों की बेहद चालाकी से तैयार की गई कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का पर्दाफाश हुआ है:
- कागजी और फर्जी व्यापार : कंपनी ने असल में कोई व्यापार नहीं किया। केवल कागजों पर फर्जी 'मर्चेंटिंग ट्रेड ट्रांजैक्शन' और सर्कुलर ट्रेडिंग (पैसे को गोल-गोल घुमाना) दिखाकर बैंक से फंड हासिल किया गया।
- शेल कंपनियों का मकड़जाल: बैंक से ली गई इस रकम को व्यापार में लगाने के बजाय भारत और विदेशों में फैली दर्जनों शेल (फर्जी) कंपनियों के खातों में ट्रांसफर (Divert) कर दिया गया।
- लेयरिंग और निवेश: श्रीकांत भासी द्वारा नियंत्रित इन कंपनियों के जरिए 'अपराध की कमाई' की कई परतें बनाई गईं ताकि मुख्य स्रोत का पता न चल सके। इसके बाद इस पैसे का इस्तेमाल भारत और विदेशों में आलीशान चल-अचल संपत्तियां और निवेश साधन खरीदने में किया गया।
ऐन वक्त पर ED ने फेल किया श्रीकांत भासी का 'एग्जिट प्लान'
जांच के दौरान ईडी के हाथ श्रीकांत भासी की 'ज्यूरिख इंटरनेशनल लाइफ लिमिटेड' में चल रही दो विदेशी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के दस्तावेज लगे।
- क्रोनोलॉजी: ईडी ने पाया कि इन पॉलिसियों का प्रीमियम उसी समय भरा गया था जब बैंक में घोटाला चल रहा था। प्रीमियम का भुगतान भासी की विदेशी कंपनियों और विदेशी बैंक खातों से किया जा रहा था।
- शातिराना चाल: अप्रैल 2026 में श्रीकांत भासी ने चालाकी दिखाते हुए इन दोनों पॉलिसियों को अचानक समय से पहले बंद (Surrender) करने के लिए आवेदन कर दिया। उसकी योजना थी कि विदेशों में जमा यह ₹3.66 करोड़ रुपये भारत में मौजूद उसके व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर हो जाएं।
- ED की मुस्तैदी: ईडी को भनक लग गई कि यदि यह पैसा भासी के खाते में आया, तो वह इसे फिर से ठिकाने लगा सकता है या गायब कर सकता है। एजेंसी ने तुरंत कदम उठाते हुए मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत पॉलिसियों को फ्रीज (Attach) कर दिया।
अब तक की कुल कार्रवाई: ₹166 करोड़ की संपत्तियां कुर्क
इस ₹1,200 करोड़ से अधिक के महाघोटाले में ईडी अब तक आरोपियों की चौतरफा घेराबंदी कर चुकी है। जांच एजेंसी द्वारा अब तक जब्त की गई कुल संपत्तियों का विवरण इस प्रकार है:
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संपत्ति का विवरण |
स्थान / देश |
अनुमानित मूल्य (करोड़ रुपये में) |
|---|---|---|
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09 आलीशान अचल संपत्तियां |
दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) |
~ ₹51.70 करोड़ |
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विभिन्न अचल व चल संपत्तियां |
भारत के अलग-अलग हिस्से |
~ ₹111.00 करोड़ |
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2 ज्यूरिख लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां |
विदेशी निवेश (हालिया कार्रवाई) |
~ ₹3.66 करोड़ |
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कुल मिलाकर अब तक की जब्ती |
भारत और विदेश |
~ ₹166.36 करोड़ |
ईडी के सूत्रों का कहना है कि यह जब्ती इस बड़े घोटाले की केवल एक कड़ी है। जांच का दायरा अब उन विदेशी रूटों पर केंद्रित है जहां बैंक से धोखाधड़ी कर निकाला गया बाकी का पैसा छुपाया गया है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां और विदेशी संपत्तियों पर कार्रवाई होने की पूरी संभावना है।