Law Misuse : अदालती समझौते का उल्लंघन पड़ा भारी; पुलिस बल की मौजूदगी में हुआ होश उड़ाने वाला एक्शन

कानून का दुरुपयोग कर कानून को मजाक समझने वाले को मिला सबक , कानून की उंगली पकड़ने चले थे, खुद का हाथ दबा बैठे.....

Law Misuse : अदालती समझौते का उल्लंघन पड़ा भारी; पुलिस बल की मौजूदगी में हुआ होश उड़ाने वाला एक्शन

ब्यूरो रिपोर्ट - News Flash INDIA- जनपद हापुड़ से स्थानीय क्षेत्र में सड़क पर अवैध निर्माण और अदालती समझौते के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-1, विश्वनाथ प्रताप सिंह के न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में, पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क पर बनी अवैध सीढ़ियों को ध्वस्त कर दिया गया। 

  • विवाद की पृष्ठभूमि

यह मामला तब शुरू हुआ जब सचिन कुमार जैन और मनोज कुमार जैन (आदि मेडिकोस) ने विमल कुमार गुप्ता के खिलाफ एक सिविल केस दायर किया था। जैन भाइयों का आरोप था कि विपक्षी के मकान का शटर और रैंप गलत तरीके से बनी हैं।

हालांकि, जाँच के दौरान एचपीडीए (HPDA) ने पाया कि खुद जैन भाइयों की दुकान का नक्शा पास नहीं था और उन्होंने बिना अनुमति के बेसमेंट तथा सड़क की ओर करीब सवा दो फीट का लेंटर निकाल रखा था, जिसके बाद उनकी दुकान सील कर दी गई थी।

  • समझौते का उल्लंघन और कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट

लंबे समय तक स्टे न मिलने के बाद, विपक्षी पक्ष ने लिखित समझौता किया था कि वे भविष्य में रास्ते की तरफ कोई स्थाई या अस्थाई निर्माण नहीं करेंगे। इसके बावजूद, उन्होंने फिर से सड़क पर सीढ़ियों का निर्माण शुरू कर दिया। विमल कुमार गुप्ता द्वारा इस समझौते के उल्लंघन के खिलाफ 'कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट' (अदालत की अवमानना) का वाद दायर किया गया।

  • न्यायालय का सख्त रुख

न्यायाधीश विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अमीन की रिपोर्ट मंगवाई। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद विपक्षी पक्ष के उपस्थित न होने पर, न्यायालय ने अवैध सीढ़ियों को हटाने के सख्त आदेश जारी किए।

"यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने वालों के लिए एक चेतावनी है। आम रास्ते पर अवैध कब्जा या निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।"

  • मौके पर कार्रवाई

अदालती आदेश के अनुपालन में अमीन और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा और सड़क पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया गया। इस घटना ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है कि कानून की उंगली पकड़ने की कोशिश करने वाले खुद अपने ही जाल में फंस गए।