Hapur News : कुख्यात बावरिया गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, चोरी के गहने बरामद
हापुड़ के थाना हाफिजपुर पुलिस ने बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य महेन्द्र को किया गिरफ्तार
ब्यूरो रिपोर्ट - News Flash INDIA- जनपद में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हाफिजपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर कुख्यात 'बावरिया गिरोह' के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर क्षेत्र में हुई चोरी की कई वारदातों का पर्दाफाश किया है।
नहर पुल के पास से हुई गिरफ्तारी
थाना हाफिजपुर पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर बृजनाथपुर नहर पुल के पास से अभियुक्त महेन्द्र (पुत्र राजपाल सिंह) को दबोचा। पुलिस के अनुसार, महेन्द्र मूल रूप से सिल्वर सिटी, ट्रोनिका सिटी (गाजियाबाद) का रहने वाला है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी के जेवर और वारदातों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए हैं।

बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- आभूषण: एक जोड़ी सफेद धातु (चांदी) की पाजेब और एक जोड़ी बिछुए।
- वाहन: एक स्कूटी (रजिस्ट्रेशन नं. UP14EV8325), जिसके दस्तावेज नहीं पाए गए।
- हथियार: ताला तोड़ने में इस्तेमाल होने वाली एक भारी लोहे की रॉड।
कबूलनामा: पिलखुवा और बाबूगढ़ में भी दी थी दबिश
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर न केवल हाफिजपुर, बल्कि पिलखुवा और बाबूगढ़ थाना क्षेत्रों में भी सुनियोजित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।
गंभीर है आपराधिक इतिहास
पकड़ा गया आरोपी कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि शातिर अपराधी है। उस पर हाफिजपुर, पिलखुवा और बाबूगढ़ थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत 5 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बावरिया गिरोह: पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
बावरिया गिरोह अपनी खास कार्यशैली के लिए जाना जाता है। ये अक्सर रात के समय घरों की रेकी कर धावा बोलते हैं। इस गिरोह के सदस्य अत्यंत फुर्तीले होते हैं और गिरफ्तारी से बचने के लिए हिंसक प्रतिरोध भी कर सकते हैं। हापुड़ पुलिस द्वारा इस गिरोह के सदस्य की गिरफ्तारी को इलाके में सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सफल टीम का नेतृत्व
- इस सफल अनावरण में थाना प्रभारी श्री प्रवीण कुमार, उप-निरीक्षक नीरज कुमार, संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल रवि तेवतिया और कांस्टेबल राजेश कुमार की मुख्य भूमिका रही।