Hapur News : नगर पालिका अधिकारियों की बढ़ी मुसीबत , फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में नया खुलासा
Exclusive: ब्यूरो / निशांक शर्मा रिपोर्ट - (News Flash INDIA)-
- हापुड़ - फर्जी मृत्यु प्रमाण मामले आरोपी महिला ने ही खोली नगरपालिका ओर मुख्य आरोपी महिला की पोल,
- मुकदमे में आरोपी महिला ने किया कैमरे पर बड़ा खुलासा
यूपी के जनपद हापुड़ में हापुड़ कोतवाली पुलिस द्वारा हापुड़ न्यायालय के आदेश पर नगर पालिका के अधिकारियों सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ फर्जीवाडे और धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस की जांच शुरू होते ही इस फर्जीवाड़े की परतों का खुलासा आरोपियों द्वारा किया जाने लगा है। जिसमें FIR में नामजद आरोपी नंबर 4 द्वारा इस मामले में कैमरे पर बड़ा खुलासा किया गया है। जिसने इस पूरे मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी बताई जा रही महिला मीना वर्मा के साथ-साथ हापुड़ नगर पालिका के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी बड़े प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं।
- क्या है पूरा मामला....
पूरी मामले पर जानकारी देते हुए मुकद्दमें की वादी महिला के अधिवक्ता शिवकुमार शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड में वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात अरुण कुमार वर्मा की मृत्यु उत्तराखंड में ही हुई थी और जिनका पोस्टमार्टम भी उत्तराखण्ड में हुआ, लेकिन हापुड़ निवासी मीना वर्मा नाम की महिला द्वारा अरुण वर्मा की मृत्यु के बाद उत्तराखंड के गोपेश्वर जिला चिकित्सालय में मृतक आश्रित के फंड और अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया गया।

- करीब 500 किलोमीटर दूर से पीड़िता का सहारा बने हापुड़ के अधिवक्ता शिव कुमार
इस आवेदन के बाद यह पूरा मामला संज्ञान में आया और मृतक अरुण वर्मा की कानूनी पत्नी चंद्रकला द्वारा इस संबंध में कार्यवाही शुरू की गई। मृतक अरुण की पत्नी चंद्रकला द्वारा उत्तराखंड से हापुड़ आकर इस मामले में अपने अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी कार्रवाई बढ़ाई गई। लेकिन हापुड़ पुलिस के अधिकारियों द्वारा इस मामले में, ना तो कोई FIR दर्ज की गई और न हीं ,किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही की जा रही थी। क्योंकि पीड़िता महिला हापुड़ से करीब 500 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के एक जिले की रहने वाली है।
जिसके बाद उनके द्वारा इस पूरे मामले को अधिवक्ता शिवकुमार शर्मा के द्वारा सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया और पूरे घटनाक्रम पर सुनवाई करते हुए 1 दिसंबर 2025 को हापुड़ सीजेएम कोर्ट द्वारा इस फर्जीवाड़े को लेकर मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। क्योंकि इतनी दूर से महिला का बार-बार आना और अपने कानूनी मामलों की पैरोंकारी करना स्वयं संभव नहीं था जिसके चलते कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने से बचा जा रहा था।
लेकिन हापुड़ में उनके अधिवक्ता द्वारा मजबूत पैरवी करते हुए कोर्ट के सामने इन तथ्यों को प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद कोर्ट की फटकार लगने पर 9 दिसंबर की शाम को इस मामले में हापुड़ कोतवाली पुलिस द्वारा BNS की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया ।
- कौन-कौन है मामले में आरोपी....
पुलिस द्वारा इस मामले में मीना वर्मा को आरोपी नंबर एक बनाते हुए , उसके बेटा बेटी के बाद , मृतक अरुण की बहन ममता वर्मा को आरोपी नंबर 4 बनाया गया है इसी क्रम में क्रमशः नीलम, विजेयता यादव, चन्द्रहास, नीलम सहित नगर पालिका हापुड़ के 6 सरकारी अधिकारियों मनोज कुमार तत्कालीन रजिस्ट्रार जन्म मृत्य, आवेश कुमार मुख्य सफाई निरीक्षक, राजकुमार तत्काली सफाई निरीक्षक, राजीव सफाई नायक, अमरपाल सिंह राजस्व निरीक्षक हापुड, गंगा प्रसाद पटेल क्षेत्रीय लेखपाल हापुड को आरोपी बनाया है ।
- जिनमें से आरोपी नंबर 4 जो कि मृतक अरुण की बहन है, उनके द्वारा कैमरे पर आकर इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए षड्यंत्र की सूत्रधार का खुलासा किया गया है ।
उन्होंने बताया कि मृतक अरुण कुमार उनके सगे भाई थे और वह उनकी छोटी बहन है जो उत्तराखंड में नर्सिंग ऑफिसर थे , जब उनकी मृत्यु हुई तो उनको इस बात की जानकारी मिली लेकिन आरोपी महिला मीना वर्मा द्वारा उनका आधार कार्ड ले लिया गया जिसकी उन्हें जानकारी नहीं थी आरोपी महिला मीना वर्मा द्वारा उनके नाम से आवेदन करके फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिया गया, इस संबंध में जब कानूनी कार्यवाही शुरू हुई तो नगर पालिका द्वारा ममता वर्मा को फोन किया गया, जिसके बाद उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी हुई है।
उन्होंने बताया कि हमारा इस पूरे मामले में कोई रोल नहीं है और हमें इंसाफ मिलना चाहिए उन्होंने आगे बताया कि वह मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के निवासी हैं आरोपी महिला मीना द्वारा कैसे उनके कागज लेकर उनके फर्जी हस्ताक्षर आदि करके उनको फसाया गया है उनको इस बात की जानकारी नहीं है मीना वर्मा के द्वारा ही उनके भाई की नौकरी प्रॉपर्टी और मृतक आश्रित फंड आदि हड़पने की साजिश की गई।
जिसकी उन्हें बिल्कुल भी जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि चंद्रकला ही उनकी पत्नी है और 20 साल से वे ही उनकी सेवा कर रही है और उनके भाई की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित का लाभ लेने का अधिकार चंद्रकला का ही है उन्हीं को इसका लाभ मिलना चाहिए।
- मीना वर्मा द्वारा की गई धोखाधड़ी को लेकर पुलिस अधिकारियों से की शिकायत
आरोपी महिला द्वारा इस संबंध में लिखित रूप में भी पुलिस अधिकारियों को शिकायत भेजी गई है और इस पूरे फर्जीवाड़े के मामले में निष्पक्ष कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई गई है। लेकिन इस मामले में नगर पालिका की कार्यशैली पर फिर एक बार बड़ा प्रश्न लग गया है क्योंकि एक महिला द्वारा किसी अन्य महिला के नाम पर आवेदन करके एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र अर्जित कर लेना और उसके बाद उस व्यक्ति की नौकरी और फंड आदि हड़पने की साजिश रचना , सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
फिलहाल मृतक की पत्नी चंद्रकला के अधिवक्ता द्वारा इस मामले में हापुड़ में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ाई जा रही है और उन्होंने भी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से इस मामले में जल्द निष्पक्ष कार्यवाही करते हुए दोषियों को सजा देने की मांग की है।