फर्जीवाड़ा रोकने के लिए मोनार्ड यूनिवर्सिटी की बड़ी कार्रवाई; 800 KM दूर चल रहे जाली डिग्री सिंडिकेट का किया पर्दाफाश
ब्यूरो रिपोर्ट - News Flash INDIA- हापुड़: शिक्षा के क्षेत्र में शुचिता और पारदर्शिता को लेकर उत्तर प्रदेश के हापुड़ में स्थित मोनार्ड यूनिवर्सिटी ने एक कड़ा संदेश दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की सजगता के कारण संतकबीरनगर में चल रहे एक बड़े फर्जी मार्कशीट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यूनिवर्सिटी के लीगल और परीक्षा विभाग ने तत्परता दिखाते हुए न केवल जाली दस्तावेजों को पकड़ा, बल्कि मामले को कोर्ट तक ले जाकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है।
- यूनिवर्सिटी की सतर्कता से खुला 'धोखे का खेल'
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब यूनिवर्सिटी के वेरिफिकेशन विभाग ने एक संदिग्ध मार्कशीट को बारीकी से जांचा। कर्नल डी.पी. सिंह (रजिस्ट्रार, मोनार्ड यूनिवर्सिटी) के नेतृत्व में जब आंतरिक रिकॉर्ड और वित्त विभाग के खातों का मिलान किया गया, तो पाया गया कि संबंधित छात्र का यूनिवर्सिटी में कोई रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं था।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल वेरिफिकेशन को खारिज नहीं किया, बल्कि छात्र से गहन पूछताछ की ताकि इस गिरोह की जड़ों तक पहुँचा जा सके। इससे स्पष्ट होता है कि यूनिवर्सिटी अपनी डिग्री की विश्वसनीयता को लेकर कितनी गंभीर है।
- संस्थान की छवि से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ा प्रहार
जांच में सामने आया कि संतकबीरनगर स्थित 'जनार्दन मिश्रा इंस्टीट्यूट' द्वारा यूनिवर्सिटी के नाम का गलत इस्तेमाल कर छात्रों को जाली डिग्रियां बेची जा रही थीं। रजिस्ट्रार कर्नल डी.पी. सिंह ने इसे यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा धूमिल करने की एक गहरी साजिश करार दिया।
"हम शिक्षा प्रणाली के साथ किसी भी प्रकार के खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। मोनार्ड यूनिवर्सिटी अपने छात्रों और अपनी डिग्री की साख के लिए प्रतिबद्ध है। जैसे ही यह मामला हमारे संज्ञान में आया, हमने तुरंत कानूनी कदम उठाए ताकि कोई अन्य छात्र इस सिंडिकेट का शिकार न बने।" - कर्नल डी.पी. सिंह, रजिस्ट्रार
- न्यायिक हस्तक्षेप और पुलिसिया कार्रवाई
यूनिवर्सिटी प्रशासन के कड़े रुख के बाद, न्यायालय सी.जे.एम. हापुड़ के आदेश पर थाना पिलखुआ में संस्थान के मैनेजर नीलकमल मिश्रा और मनीष गर्ग सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (318, 336, 338, 340, 61) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
छात्रों के लिए जरूरी संदेश
मोनार्ड यूनिवर्सिटी ने इस घटना के माध्यम से सभी छात्र-छात्राओं को आगाह किया है कि वे किसी भी अनधिकृत संस्थान या बिचौलियों के झांसे में न आएं। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि:
- प्रवेश और शुल्क केवल आधिकारिक माध्यमों से ही स्वीकार किए जाते हैं।
- किसी भी डिग्री या मार्कशीट की प्रामाणिकता की जांच सीधे यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग से की जा सकती है।