हापुड़: रालोद की बैठक बनी जंग का अखाड़ा, मंच पर पदाधिकारियों से भिड़े कार्यकर्ता; हाई-वोल्टेज ड्रामा देखिये लाइव
हापुड़ में रालोद की बैठक में भारी हंगामा, शिव कुमार त्यागी के भाषण पर भिड़े कार्यकर्ता, मारपीट की नौबत
News Flash INDIA - रिपोर्ट - निशांक शर्मा : हापुड़ : उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब चुनावी रणनीति बनाने आए कार्यकर्ता और नेता आपस में ही भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बैठक रणक्षेत्र में तब्दील हो गई और नेताओं के बीच धक्का-मुक्की और नोंकझोक शुरू हो गई।
आर के प्लाजा होटल में हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
यह पूरा शर्मनाक घटनाक्रम हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आर के प्लाजा होटल का है। आगामी चुनावों के मद्देनजर चुनावी प्रबंधन को दुरुस्त करने, रणनीति तैयार करने और संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोकदल द्वारा इस विशेष 'चुनावी प्रबंधन अभियान बैठक' का आयोजन किया गया था। लेकिन चर्चा शुरू होने के कुछ ही समय बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और पूरी बैठक में हंगामा खड़ा हो गया।
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पूर्व जिला अध्यक्ष के संबोधन के दौरान भड़का विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंच से संबोधन के दौरान आरएलडी के पूर्व जिला अध्यक्ष शिवकुमार त्यागी कार्यकर्ताओं से वार्ता कर रहे थे। इसी दौरान उनके द्वारा कही गई किसी बात को लेकर सामने बैठे कार्यकर्ता भड़क उठे। देखते ही देखते गर्मा-गर्मी इतनी बढ़ गई कि कार्यकर्ता मंच के पास पहुंच गए और पदाधिकारियों से सीधे उलझ गए।
मंच पर मौजूद नेताओं और नीचे खड़े कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक के बाद बात टकराव तक जा पहुंची। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे सफेद कपड़ों और पगड़ी पहने बुजुर्ग व युवा कार्यकर्ता एक-दूसरे पर हाथ छोड़ रहे हैं और आपस में गुत्थमगुत्था हो रहे हैं।
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चुनाव पर्यवेक्षक अमरीश त्यागी के सामने उजागर हुई गुटबाजी
हंगामे की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यह पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा RLD के राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में पहुंचे के सी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी के सामने ही होता रहा। वरिष्ठ पदाधिकारियों और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी में हुए इस बवाल ने पार्टी के भीतर चल रही गहरी गुटबाजी और अंतर्विरोधों को सरेआम उजागर कर दिया है।
वरिष्ठ नेताओं ने कराया बीच-बचाव
हंगामे और मारपीट की गंभीरता को देखते हुए वहां मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं और दोनों पक्षों के समझदार लोगों ने तुरंत बीच-बचाव करने का प्रयास किया। उग्र हो रहे कार्यकर्ताओं को अलग करने और माहौल को नियंत्रण में लाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर बाद जाकर मामला शांत हुआ, लेकिन इस घटना ने आगामी चुनावों से पहले पार्टी की तैयारियों और अनुशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।