हापुड़ में मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा प्रहार: 'जिन्दल मसाला कम्पनी' पर छापा, फर्श पर बिखरे मिले मसाले, सैंपल सील

जिन्दल मसाला कम्पनी' के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर औचक छापेमारी ......

हापुड़ में मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा प्रहार: 'जिन्दल मसाला कम्पनी' पर छापा, फर्श पर बिखरे मिले मसाले, सैंपल सील

हापुड़ में मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा प्रहार: 'जिन्दल मसाला कम्पनी' पर छापा, फर्श पर बिखरे मिले मसाले, सैंपल सील

हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में मिलावटखोरों और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश शासन और खाद्य सुरक्षा आयुक्त के विशेष निर्देशों के अनुपालन में, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दिल्ली रोड स्थित चमरी क्षेत्र में संचालित 'जिन्दल मसाला कम्पनी' के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर औचक छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से क्षेत्र के मसाला निर्माताओं और व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

​स्वच्छता के मानकों की उड़ी धज्जियां, फर्श पर बिखरा मिला 'जहर'

​फैक्ट्री परिसर के भीतर जैसे ही मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी और उनकी टीम ने प्रवेश किया, वहाँ का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। ब्रांडेड और शुद्धता के बड़े-बड़े दावे करने वाली इस फैक्ट्री के भीतर हाइजीन स्वच्छता के मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

​निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि भारी मात्रा में पिसे हुए और कच्चे मसाले सीधे फर्श पर असुरक्षित तरीके से फैलाकर रखे गए थे। धूल और गंदगी के बीच जमीन पर पड़े इन मसालों को देखकर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ करार दिया।

​कच्चे से लेकर पैक्ड मसालों तक के लिए गए सैंपल

​मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने गुणवत्ता की सटीक परख के लिए मौके से विभिन्न श्रेणियों के मसालों के सैंपल्स एकत्र किए।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मीडिया को बताया:

​"शासन के निर्देश पर मसालों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिन्दल मसाला कम्पनी की जांच की गई। यहाँ से रॉ (कच्चा), प्रोसेस्ड और फिनिश्ड (तैयार) तीनों ही प्रकार के प्रॉडक्ट्स के सैंपल लिए गए हैं।"

जब्त किए गए मुख्य सैंपल्स:

  • ​मिर्च पाउडर, साबुत लाल मिर्च और पैकेट बंद मिर्च।
  • ​धनिया पाउडर, साबुत धनिया और पैकेट बंद धनिया।

​इन सभी एकत्रित सैंपल्स को नियमानुसार मौके पर ही सील कर दिया गया है और इन्हें विस्तृत रासायनिक विश्लेषण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

​कागजातों और लाइसेंस की भी हो रही है बारीकी से जांच

​फैक्ट्री में सिर्फ गंदगी और रखरखाव की ही कमी नहीं थी, बल्कि अब यह इकाई वैधानिक जांच के दायरे में भी आ गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मसाले के सैंपल्स के साथ-साथ फैक्ट्री के संचालन से जुड़े सभी आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों और लाइसेंस की भी गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों ने संचालक को सख्त हिदायत दी है कि वे जल्द से जल्द अपने सभी वैध कागजात विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि उनका मिलान फैक्ट्री के वास्तविक टर्नओवर और मानकों से किया जा सके।

​लैब रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

​मौके पर मौजूद अधिकारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन को परिसर की साफ-सफाई तुरंत दुरुस्त करने और हाइजीन मेंटेन करने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक निरीक्षण नहीं है; प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मसालों में किसी भी प्रकार की मिलावट, हानिकारक तत्व या मानकों में कमी पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI एक्ट) के तहत फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कठोरतम कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।