हापुड़ : डिफेंस अधिकारी से संदिग्ध महिलाओं के झपटमार गिरोह ने लूटा बैग, अस्थि विसर्जन करने पहुंचे थे डिफेंस अधिकारी

बृजघाट में शर्मनाक: देश की रक्षा करने वाले डिफेंस अधिकारी से ही छीन लिया बैग, महिलाओं के संदिग्ध गिरोह ने बनाया निशाना

हापुड़ : डिफेंस अधिकारी से संदिग्ध महिलाओं के झपटमार गिरोह ने लूटा बैग, अस्थि विसर्जन करने पहुंचे थे डिफेंस अधिकारी

 News Flash INDIA 

ब्यूरो / प्रज्ज्वल शर्मा रिपोर्ट : News Flash INDIA: गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़): जनपद हापुड़ की पवित्र तीर्थ नगरी बृजघाट में गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा अब पूरी तरह दांव पर लग चुकी है। सुशासन और सुरक्षा के दावों को ठेंगा दिखाते हुए यहाँ भीख मांगने वालों और संदिग्ध महिलाओं के झपटमार गिरोहों ने सरेआम आतंक मचा रखा है। हद तो तब हो गई जब देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े डिफेंस (रक्षा क्षेत्र) के एक अधिकारी से ही झपटमारों ने उनका बैग छीन लिया

​हरियाणा के भिवानी (सिवाणी मंडी) से अपने पूर्वजों की अस्थियां विसर्जित करने और पूजा-अर्चना के लिए बृजघाट पहुंचे डिफेंस अधिकारी के साथ महिलाओं के एक गिरोह ने सरेआम छीना-झपटी और लूट की इस वारदात को अंजाम दिया।

पीड़ित डिफेंस अधिकारी ने बयां किया अपना दर्द

पीड़ित डिफेंस अधिकारी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए यहाँ सक्रिय गिरोह के खौफनाक चेहरे को उजागर किया है। उन्होंने बताया:

"हम यहाँ पूजा करने के लिए आए थे, अस्थि विसर्जन (अस्थि बहाने) के लिए। तभी यहाँ कुछ महिलाओं ने इकट्ठा होकर हमारे साथ छीना-झपटी शुरू कर दी। उन्होंने हमारा बैग और हमारे कपड़े तक छीन लिए... यहाँ तक कि हमारे पहनने वाले कपड़े भी छीन लिए। चूंकि मैं खुद डिफेंस में हूँ, इसलिए एक डिफेंस पर्सन होने के नाते मैं सबको सचेत करना चाहता हूँ कि अगर कोई भी ब्रजघाट आता है, तो बहुत सावधानी से आए।"

 

वीडियो में कैद हुआ गिरोह का लाइव आतंक

​एक अन्य वीडियो साक्ष्य में इस संदिग्ध गिरोह की करतूतें साफ देखी जा सकती हैं। वीडियो में महिलाओं और कुछ असामाजिक तत्वों का एक पूरा झुंड सड़क पर चलती हुई एक सफेद कार को चारों तरफ से जबरन घेरकर खड़ा हो जाता है।

​गाड़ी के अंदर बैठे श्रद्धालु खौफ के मारे शीशा खोलने से भी कतराते हैं, लेकिन यह गिरोह आक्रामक रूप से गाड़ी को रोककर उनसे पैसे और सामान छीनने की जिद पर अड़ा रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये लोग भीख मांगने की आड़ में चलते वाहनों को रोकते हैं, जिससे बाजार में लंबा जाम लग जाता है और श्रद्धालुओं से जबरन मुंह मांगी कीमत वसूलते हैं। पैसे न देने पर बदसलूकी और सामान छीनना यहाँ आम बात हो चुकी है। इन संदिग्ध लोगों की कोई भी पहचान ना किसी पुलिस रिकॉर्ड में है ओर ना ही इनकी वास्तविक पहचान किसी को पता है 

श्रद्धालु ने पुलिस से लगाई गुहार, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

​इस बेहद खराब और डरावने अनुभव के बाद पीड़ित डिफेंस अधिकारी ने स्थानीय पुलिस से मदद की गुहार लगाई है, जिसके बाद पुलिस अलर्ट होकर संदिग्ध महिला झपटमारों की तलाश में जुटने का दावा कर रही है।

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि घाटों, मुख्य रास्तों और बाजारों में पुलिस के जवानों की कमी के कारण इन झपटमारों की हिम्मत लगातार बढ़ रही है। भीख मांगने के बहाने ये लोग घाटों पर सामान चोरी, पार्किंग से वाहनों की चोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को आसानी से अंजाम देते हैं। शनिवार, रविवार, पूर्णिमा और अमावस्या जैसे व्यस्त दिनों में इनका आतंक और भी खतरनाक हो जाता है, जो प्रशासन की अनदेखी के चलते किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।