ARTO News : यूपी के परिवहन विभाग से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अंतरिम आदेश रद्द कर चयन समिति गठित करने के निर्देश
यूपी के परिवहन विभाग को बड़ी राहत , सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया यथास्थिति का आदेश, जल्द होगी......
- एआरटीओ (ARTO) भर्ती और प्रमोशन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अंतरिम आदेश रद्द कर चयन समिति गठित करने के निर्देश
ब्यूरो रिपोर्ट: News Flash INDIA : नई दिल्ली/लखनऊ:
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के पदों पर पदोन्नति की राह देख रहे अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को पारित अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में 3 सितंबर 2021 से लागू अंतरिम स्थगन आदेश (Interim Status Quo Order) को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए जल्द से जल्द विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) / चयन समिति की बैठक आयोजित करे।
क्या है पूरा मामला? (Background of the Case)
यह पूरा कानूनी विवाद उत्तर प्रदेश में पैसेंजर/गुड्स टैक्स अधिकारियों (Passenger/Goods Tax Officers) की एआरटीओ (ARTO) के पदों पर पदोन्नति और वरिष्ठता से जुड़ा हुआ है।
- इस मामले में आशुतोष कुमार उपाध्याय एवं अन्य (2011 बैच के अधिकारी) तथा अन्य पक्षों द्वारा सिविल अपील संख्या 4399/2023, 4400/2023 और 4401/2023 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं।
- पूर्व में 3 सितंबर 2021 को शीर्ष अदालत ने एक अंतरिम आदेश पारित कर संबंधित पक्षों को 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने का निर्देश दिया था, जिसके कारण पिछले कई वर्षों से इन पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी हुई थी और मामला अदालतों में अटका हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा आदेश (Current Court Order - 14 Oct 2026)
न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह (Justice Augustine George Masih) और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल (Justice Sunita Agarwal) की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने सिविल अपील संख्या 4400/2023 में दायर आवेदन (IA No. 293099/2026) पर विचार करते हुए पूर्व के 19 अगस्त 2026 के आदेश के अनुरूप समरूपता अपनाते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए:
- अंतरिम रोक समाप्त: 3 सितंबर 2021 को दिया गया अंतरिम यथास्थिति आदेश रद्द कर दिया गया है।
- डीपीसी (DPC) गठन के निर्देश: राज्य सरकार को आदेशित किया गया है कि वह तत्काल उपयुक्त विभागीय पदोन्नति समिति (Departmental Promotion Committee) / चयन समिति का गठन करे।
- किन-किन पर होगा विचार: इस प्रक्रिया के तहत 2011 बैच के याचिकाकर्ता/आवेदक अधिकारियों और 2013 बैच के निजी प्रतिवादियों (Private Respondents) दोनों को शामिल करते हुए, सभी पात्र अधिकारियों के नामों पर लागू सांविधिक नियमों के अनुसार एआरटीओ के मौजूदा रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए विचार किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील को अगले ही दिन यानी 15 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए शीर्ष प्राथमिकता (First Item) के रूप में सूचीबद्ध किया है।
यह खबर क्षेत्रीय एवं प्रशासनिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में लंबे समय से अटकी एआरटीओ पदों की पदोन्नति प्रक्रिया के फिर से शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
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