UP News: कल विवादित हरिहर मंदिर में जलाभिषेक करेगी कल्कि सेना, शाही जामा मस्जिद बनाम प्राचीन हरिहर मंदिर विवाद से जुड़ा है मामला
संभल के विवादित हरिहर मंदिर में कल्कि सेना द्वारा जलाभिषेक के ऐलान और प्रशासन को....
कल विवादित हरिहर मंदिर में जलाभिषेक करेगी कल्कि सेना, शाही जामा मस्जिद बनाम प्राचीन हरिहर मंदिर विवाद से जुड़ा है मामला
News Flash INDIA
ब्यूरो रिपोर्ट News Flash INDIA: संभल/हापुड़: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित ऐतिहासिक और संवेदनशील शाही जामा मस्जिद बनाम प्राचीन हरिहर मंदिर विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब श्री कल्कि सेना (रजि०) के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जनपद हापुड़ सहित कई अन्य जिलों के कार्यकर्ताओं ने कल यानी रविवार को विवादित स्थल पर पहुँचकर जलाभिषेक करने का ऐलान किया है।
श्री कल्कि सेना के ज्ञापन के मुख्य बिंदु
श्री कल्कि सेना (रजि० नं० 281) द्वारा जारी आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, दिनांक 11 अक्टूबर 2026 (दिन रविवार) को यह कार्यक्रम तय किया गया है। संगठन की रूपरेखा के तहत:
- कल्कि सेना के कार्यकर्ता बहजोई से होकर प्रथम मनोकामना मंदिर (पातालश्वर मंदिर), द्वितीय मनोकामना मंदिर, तृतीय हरिहर मंदिर (तथाकथित मस्जिद), चतुर्थ यम तीर्थ एवं पांचवां कोट पूर्वी, कोट पश्चिमी और सम्भल में स्थित हरिहर मंदिर पर जल चढ़ाने व दर्शन करने पहुँचेंगे।
- इस धार्मिक अनुष्ठान और जलाभिषेक कार्यक्रम में लगभग 300 से 500 सदस्य एवं पदाधिकारी सम्मिलित होंगे।
- इस पूरे आयोजन की अगुवाई और समन्वय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गिरीश कुमार सिंह , के नेतृत्व मे प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज शर्मा, जिलाध्यक्ष (संभल) गौरव कुमार द्वारा किया जा रहा है।
हापुड़ से रवाना होंगे कार्यकर्ता
श्री कल्कि सेना के हापुड़ जिला संगठन के अनुसार, हापुड़ जनपद से संगठन के लगभग 20-25 कार्यकर्ता रविवार सुबह करीब 10:00 बजे गढ़ रोड स्थित जिला कार्यालय (अनुज बिहार, दयाल रिजेन्सी के पास) से संभल के लिए प्रस्थान करेंगे। संगठन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर यात्रा के दौरान आवश्यक सुरक्षा और सहयोग की मांग की है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला संभल की उस ऐतिहासिक इमारत से जुड़ा है, जिसे लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि यह भगवान विष्णु के कल्कि अवतार से जुड़ा प्राचीन हरिहर मंदिर है, जिसे मुगल काल में परिवर्तित किया गया था। वहीं, दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष इसे शाही जामा मस्जिद बताता है। वर्तमान में यह संवेदनशील मामला अदालत में विचाराधीन है और इस पर कानूनी व सर्वे संबंधी प्रक्रियाएं चल रही हैं।
कल्कि सेना के इस जलाभिषेक और बड़े स्तर पर कार्यकर्ताओं के जुटने के ऐलान के बाद से प्रशासनिक और पुलिस महकमा पूरी तरह से सतर्क हो गया है ताकि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।